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ऑफलाइन साइट मैनेजमेंट: भारतीय निर्माण साइट पर इंटरनेट के बिना काम करें

खराब कनेक्टिविटी आपके काम को नहीं रोकनी चाहिए। जानें ऑफलाइन-फर्स्ट कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट कैसे काम करता है और भारतीय साइट के लिए क्यों जरूरी है।

11 min read
By Yojo Team
प्रकाशित: 16 जनवरी 2025
ऑफलाइन साइट मैनेजमेंट: भारतीय निर्माण साइट पर इंटरनेट के बिना काम करें - योजो निर्माण प्रबंधन ब्लॉग

अधिकांश भारतीय निर्माण साइट पर इंटरनेट कनेक्टिविटी अविश्वसनीय है। लेकिन इससे डिजिटल टूल इस्तेमाल करना नहीं रुकना चाहिए। भारतीय साइट के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑफलाइन कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट ऐपYojo—इंटरनेट के बिना पूरी तरह काम करता है। Yojo जैसा ऑफलाइन कंट्रैक्टर ऐप साइट उपस्थिति, DPR और खर्च ऑफलाइन मैनेज करने देता है। ऑफलाइन निर्माण साइट मैनेजमेंट के बारे में जानने की बातें यहां हैं।

भारत में कनेक्टिविटी चुनौती

भारतीय साइट पर इंटरनेट खराब क्यों है

आम परिदृश्य:

  • टावर न होने वाले विकासशील इलाके की साइट
  • दूरस्थ स्थान (हाइवे, बांध, ग्रामीण परियोजनाएं)
  • सिग्नल न होने वाला भूमिगत/तहखाने का काम
  • पीक घंटों में नेटवर्क भीड़
  • दिन में डेटा पैक खत्म
  • फोन बैटरी खत्म, पावर बैकअप नहीं

हकीकत: 60-70% भारतीय निर्माण साइट पर काम के घंटों में इंटरनेट अविश्वसनीय या नहीं होता।

पुरानी दुविधा

कागज का तरीका: ऑफलाइन चलता है लेकिन:

  • डेटा कागज पर अटका
  • मैनुअल एकत्रीकरण
  • खोने/नुकसान होने का खतरा
  • रियल-टाइम दृश्यता नहीं
  • तुरंत शेयर नहीं कर सकते

केवल ऑनलाइन ऐप: आधुनिक लेकिन:

  • इंटरनेट के बिना बिल्कुल नहीं चलते
  • कनेक्शन गिरते ही काम रुक जाता है
  • डिस्कनेक्ट होने पर डेटा एंट्री खो जाती है
  • फील्ड टीम के लिए निराशाजनक
  • मकसद ही खत्म हो जाता है

समाधान: ऑफलाइन-फर्स्ट डिजिटल टूल

ऑफलाइन-फर्स्ट क्या है?

ऑफलाइन-फर्स्ट का मतलब है कि ऐप इंटरनेट के बिना मुख्य तौर पर काम करने के लिए बनाया गया है।

कैसे काम करता है

1. पूर्ण लोकल स्टोरेज: सारा डेटा आपके फोन में सेव

2. पूरी कार्यक्षमता: हर फीचर ऑफलाइन काम करता है

3. ऑटोमैटिक सिंक: इंटरनेट मिलते ही डेटा अपने आप सिंक होता है

4. कॉन्फ्लिक्ट रिजॉल्यूशन: विरोधाभासी एडिट को स्मार्ट तरीके से संभालता है

5. डेटा लॉस नहीं: पहले सब लोकल सेव होता है

बनाम ऑनलाइन-फर्स्ट ऐप

फीचरऑफलाइन-फर्स्टऑनलाइन-फर्स्ट
इंटरनेट के बिना कामपूरी तरहनहीं
डेटा एंट्रीहमेशासिर्फ ऑनलाइन
स्पीडतेज़ (लोकल)धीमी (नेटवर्क पर निर्भर)
विश्वसनीयताऊंचीकनेक्टिविटी पर निर्भर
डेटा सुरक्षाबहुत ऊंचीखोने का खतरा
भारतीय साइटबिल्कुल सहीसमस्या वाला

भारतीय निर्माण के लिए: ऑफलाइन-फर्स्ट बहुत जरूरी।

जरूरी ऑफलाइन फीचर

1. उपस्थिति मार्किंग

इंटरनेट के बिना 50+ वर्कर की उपस्थिति मार्क करें।

कैसे काम करता है:

  1. उपस्थिति स्क्रीन खोलें (इंटरनेट जरूरी नहीं)
  2. हर वर्कर के लिए present/absent मार्क करें
  3. फोटो, नोट जोड़ें
  4. डेटा फोन पर सेव हो जाता है
  5. ऑनलाइन होने पर ऑटो-सिंक

समय: 2 मिनट, ऑनलाइन जैसा ही

2. टास्क मैनेजमेंट

ऑफलाइन टास्क बनाएं, असाइन करें, अपडेट करें।

ऑफलाइन क्षमता:

  • नए टास्क बनाएं
  • टास्क स्टेटस अपडेट करें
  • प्रोग्रेस नोट जोड़ें
  • फोटो अटैच करें
  • डेडलाइन सेट करें
  • टीम मेंबर को असाइन करें

सिंक: ऑनलाइन होने पर सारे बदलाव अपलोड होते हैं

3. DPR जनरेशन

पूरी तरह ऑफलाइन दैनिक प्रोग्रेस रिपोर्ट बनाएं।

क्या कर सकते हैं:

  • DPR टेम्पलेट भरें
  • टास्क अपडेट जोड़ें
  • फोटो शामिल करें
  • समस्या नोट करें
  • PDF जनरेट करें
  • बाद में शेयर के लिए सेव करें

कब शेयर करें: PDF ऑफलाइन बनती है। इंटरनेट होने पर WhatsApp/email से शेयर करें।

4. फोटो डॉक्यूमेंटेशन

इंटरनेट के बिना फोटो लें और ऑर्गनाइज करें।

क्षमता:

  • कैमरे से फोटो लें
  • कैप्शन/नोट जोड़ें
  • तारीख/टास्क के हिसाब से ऑर्गनाइज करें
  • स्टोरेज के लिए कंप्रेस करें
  • अपलोड के लिए कतार

स्टोरेज: फोटो लोकल सेव, ऑनलाइन होने पर क्लाउड में अपलोड

5. वर्कर इनफॉर्मेशन

ऑफलाइन वर्कर डेटाबेस एक्सेस करें।

ऑफलाइन उपलब्ध:

  • वर्कर लिस्ट
  • संपर्क जानकारी
  • उपस्थिति इतिहास
  • पेमेंट रिकॉर्ड
  • स्किल और रोल

यूज केस: पिछले हफ्ते कौन आया था देखें, फोन नंबर ढूंढें, उपस्थिति पैटर्न रिव्यू करें

ऑफलाइन सिंक कैसे काम करता है

सिंक समझने से भ्रम और डेटा लॉस रोकने में मदद मिलती है।

सिंक प्रक्रिया

स्टेप 1: ऑफलाइन काम करें

  • सारी एक्शन फोन स्टोरेज में सेव होती हैं
  • सिंक के लिए कतार में
  • लोकल टाइमस्टैम्प रिकॉर्ड

स्टेप 2: कनेक्शन मिलता है

  • ऐप अपने आप इंटरनेट डिटेक्ट करता है
  • सिंक प्रक्रिया शुरू
  • बैकग्राउंड अपलोड शुरू

स्टेप 3: डेटा अपलोड

  • कतार वाले बदलाव क्लाउड को भेजे जाते हैं
  • सर्वर रिसीप्ट कन्फर्म करता है
  • लोकल डेटा सिंक्ड मार्क होता है

स्टेप 4: डेटा डाउनलोड

  • दूसरे यूजर्स का नया डेटा डाउनलोड होता है
  • लोकल डेटाबेस अपडेट
  • दूसरों के अपडेट दिखते हैं

समय: आमतौर पर डेटा वॉल्यूम के हिसाब से 1-5 मिनट में पूरा

सिंक इंडिकेटर

अच्छे ऐप में:

  • हरा: सब सिंक हो गया
  • पीला: सिंक चल रहा है
  • लाल: पेंडिंग सिंक (इंटरनेट नहीं)
  • नंबर बैज: X आइटम सिंक के इंतजार में

मैनुअल सिंक

कभी-कभी जबरदस्ती सिंक करना चाहते हैं:

  • साइट छोड़ने से पहले (आज का डेटा अपलोड)
  • WiFi कनेक्ट होने के बाद (तेज़ सिंक)
  • अहम मीटिंग से पहले (सबसे ताज़ा डेटा सुनिश्चित)

कैसे: आमतौर पर सेटिंग्स में "sync now" बटन

आम ऑफलाइन परिदृश्य संभालना

परिदृश्य 1: एक ही डेटा पर कई लोग एडिट कर रहे हैं

समस्या: पर्यवेक्षक A ऑफलाइन उपस्थिति मार्क करता है। पर्यवेक्षक B भी ऑफलाइन उपस्थिति मार्क करता है। दोनों बाद में सिंक करते हैं। कॉन्फ्लिक्ट?

समाधान - स्मार्ट कॉन्फ्लिक्ट रिजॉल्यूशन:

  • नवीनतम टाइमस्टैम्प जीतता है (अक्सर सही)
  • या: सर्वर आपसे पूछता है कौन सही है
  • या: जहां संभव हो मर्ज (अलग वर्कर मार्क किए गए)

बेस्ट प्रैक्टिस: साफ जिम्मेदारी दें। एक इंसान उपस्थिति मार्क करे, कई नहीं।

परिदृश्य 2: फोन बैटरी खत्म

समस्या: पूरी सुबह ऑफलाइन काम किया, सिंक से पहले फोन खत्म। डेटा खो गया?

जवाब: नहीं! डेटा फोन स्टोरेज में रहता है। चार्ज करके ऑन करने पर सिंक अपने आप हो जाता है।

सावधानी: पावर बैंक रखें। लंच ब्रेक में फोन चार्ज करें।

परिदृश्य 3: सिंक से पहले ऐप क्रैश

समस्या: ऐप क्रैश, डेटा सेव हुआ?

जवाब: हां। डेटा तुरंत स्टोरेज में लिख जाता है, मेमोरी में नहीं रखा जाता।

चेक करें: ऐप फिर खोलें, एंट्रीज हैं या नहीं देखें। हां हैं तो बाद में सिंक होंगी।

परिदृश्य 4: गलती से फोन फॉर्मैट/रिसेट

समस्या: फोन रिसेट, अनसिंक्ड डेटा खो गया?

जवाब: अफसोस की बात है हां, अगर डेटा सिर्फ उस फोन पर था।

रोकथाम:

  • दिन में कम से कम एक बार सिंक करें
  • कई डिवाइस इस्तेमाल करें (रिडंडेंसी)
  • कुछ ऐप में लोकल बैकअप फीचर होता है

परिदृश्य 5: दो फोन, एक अकाउंट

समस्या: दो फोन पर ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं। सिंक कैसे काम करता है?

जवाब: दोनों फोन एक ही क्लाउड अकाउंट में सिंक होते हैं। एक का बदलाव दूसरे पर सिंक के बाद दिखता है।

यूज केस: आपके पास फोन A, पर्यवेक्षक के पास फोन B, दोनों एक ही साइट डेटा एक्सेस कर रहे हैं।

ऑफलाइन काम के लिए बेस्ट प्रैक्टिस

1. रोजाना सिंक रूटीन

बिना सिंक के कई दिन न गुजारें।

सुझाव:

  • साइट छोड़ने से पहले हर शाम सिंक करें
  • या साइट पहुंचने पर सुबह
  • कम से कम: दिन में एक बार

क्यों: बड़ा डेटा बैकलॉग रोकता है, कॉन्फ्लिक्ट कम करता है, बैकअप सुनिश्चित करता है।

2. बड़े डेटा के लिए WiFi सिंक

फोटो और वीडियो डेटा खाते हैं।

स्ट्रैटजी:

  • दिन में ऑफलाइन काम करें
  • शाम को WiFi कनेक्ट करें
  • सिंक पूरा होने दें
  • मोबाइल डेटा खर्च बचता है

ऑफिस या घर का wifi: रात में 10-15 मिनट का सिंक।

3. टीम समन्वय

साफ भूमिकाओं से कॉन्फ्लिक्ट से बचें।

जिम्मेदारी दें:

  • पर्यवेक्षक A: उपस्थिति मार्क करता है
  • पर्यवेक्षक B: टास्क अपडेट करता है
  • साइट इंजीनियर: रिव्यू और अप्प्रूव करता है

नहीं: सब सब कुछ करे (कॉन्फ्लिक्ट होते हैं)

4. बैटरी मैनेजमेंट

ऑफलाइन ऐप बैटरी खाते हैं (लोकल स्टोरेज, कैमरा आदि)

टिप्स:

  • लंच में फोन चार्ज करें (1-2 घंटे)
  • पावर बैंक रखें
  • बेकार ऐप बंद करें
  • स्क्रीन ब्राइटनेस कम करें
  • बैटरी सेवर मोड इस्तेमाल करें

हकीकत: आधुनिक फोन कंस्ट्रक्शन ऐप के साथ आसानी से 8-10 घंटे चलते हैं।

5. स्टोरेज मैनेजमेंट

फोटो जल्दी जमा हो जाते हैं।

स्टोरेज मैनेज करें:

  • ऐप आमतौर पर फोटो अपने आप कंप्रेस करते हैं
  • सिंक्ड फोटो फोन से हटा सकते हैं (क्लाउड में सेव)
  • समय-समय पर कैश क्लियर करें
  • पुराना डेटा आर्काइव करें

अनुमान: 16GB फोन स्टोरेज 3-6 महीने के एक्टिव यूज के लिए काफी है।

ऑफलाइन ऐप बनाम SMS आधारित सिस्टम

कुछ पुराने सिस्टम डेटा एंट्री के लिए SMS इस्तेमाल करते हैं।

SMS आधारित सिस्टम

कैसे काम करते हैं:

  • एक नंबर पर फॉर्मेटेड SMS भेजें
  • उदाहरण: "ATT Sitename Present:25 Absent:5"
  • सिस्टम SMS पढ़ता है, डेटाबेस अपडेट करता है

फायदे:

  • बेसिक फोन पर चलता है
  • ऐप जरूरी नहीं
  • बहुत कम डेटा इस्तेमाल

नुकसान:

  • सीमित कार्यक्षमता
  • गलती की आशंका (टाइपो)
  • फोटो नहीं
  • इस्तेमाल में मुश्किल
  • धीमा

फैसला: 5 साल पहले SMS काम आता था। आज ऑफलाइन ऐप हर तरह से बेहतर हैं।

ऑफलाइन-फर्स्ट ऐप कैसे चुनें

"ऑफलाइन मोड" दावा करने वाले सारे ऐप एक जैसे नहीं हैं।

पूछने वाले सवाल

1. कौन से फीचर ऑफलाइन काम करते हैं?

  • सारे फीचर या सिर्फ डेटा देखना?
  • ऑफलाइन क्रिएट/एडिट कर सकते हैं?
  • ऑफलाइन फोटो ले सकते हैं?

2. कितना डेटा ऑफलाइन काम करता है?

  • पिछले 7 दिन? 30 दिन? सब कुछ?
  • सारी साइट या सिर्फ करंट साइट?

3. सिंक कैसे काम करता है?

  • ऑटोमैटिक या मैनुअल?
  • बैकग्राउंड या सिर्फ फोरग्राउंड?
  • कॉन्फ्लिक्ट रिजॉल्यूशन तरीका?

4. सिंक से पहले फोन खत्म हो जाए तो क्या होता है?

  • डेटा सेव या खो गया?
  • रिकवरी संभव?

5. क्या कई लोग एक साथ ऑफलाइन काम कर सकते हैं?

  • कॉन्फ्लिक्ट कैसे संभाले जाते हैं?
  • कोई लिमिट है?

ऑफलाइन मोड टेस्ट करना

कमिट करने से पहले अच्छी तरह टेस्ट करें:

टेस्ट प्रक्रिया:

  1. इंटरनेट के साथ ऐप इस्तेमाल करें
  2. एयरप्लेन मोड ऑन करें (इंटरनेट नहीं)
  3. जो फीचर यूज करेंगे सब आजमाएं
  4. डेटा बनाएं, फोटो लें
  5. ऐप बंद करें, फिर खोलें (डेटा बचा रहता है?)
  6. इंटरनेट वापस ऑन करें
  7. सिंक होता है या नहीं वेरिफाई करें
  8. डेटा ठीक दिख रहा है या नहीं चेक करें

अगर कोई स्टेप फेल हो तो ऑफलाइन मोड अधूरा है।

असल सफलता की कहानियां

ठेकेदार: राजेश कुमार, मुंबई

ऑफलाइन ऐप से पहले:

  • दूर साइट, इंटरनेट नहीं
  • सिर्फ कागज रजिस्टर
  • डेटा लेने रोज साइट जाना पड़ता था
  • रोज 3 घंटे सफर

ऑफलाइन ऐप के बाद:

  • पर्यवेक्षक ऑफलाइन उपस्थिति मार्क करता है
  • शहर लौटकर सिंक करता है
  • बिना जाए डेटा दिख जाता है
  • रोज 3 घंटे, ₹500 बचत

मासिक बचत: 90 घंटे, ₹15,000 यात्रा खर्च

ठेकेदार: अमित वर्मा, उत्तराखंड

चुनौती: हाइवे निर्माण साइट, शून्य कनेक्टिविटी

समाधान:

  • ऑफलाइन कंस्ट्रक्शन ऐप
  • पर्यवेक्षक पूरे दिन इंटरनेट के बिना इस्तेमाल करता है
  • शाम: शहर की तरफ 5km ड्राइव, चाय की दुकान के WiFi से सिंक
  • बैंगलोर ऑफिस से अपडेट दिखते हैं

असर: 1,500km दूर साइट महीने में जाए बिना मैनेज की

भविष्य: और बेहतर ऑफलाइन

तकनीक ऑफलाइन क्षमता बेहतर बना रही है।

नई फीचर

पीयर-टू-पीयर सिंक: ब्लूटूथ/WiFi डायरेक्ट से फोन आपस में सीधे सिंक हो सकते हैं, इंटरनेट जरूरी नहीं

कंप्रेस्ड डेटा: बेहतर कंप्रेशन = ज्यादा डेटा ऑफलाइन काम करता है

स्मार्टर सिंक: AI तय करता है पहले क्या सिंक करना है (प्राथमिकता डेटा)

ऑफलाइन AI: इंटरनेट के बिना कुछ विश्लेषण संभव

लोकल बैकअप: SD कार्ड में ऑटोमैटिक बैकअप

5G असर

जब भारत में 5G व्यापक होगा (3-5 साल):

  • साइट पर बेहतर कनेक्टिविटी
  • उपलब्ध होने पर तेज़ सिंक
  • लेकिन ऑफलाइन क्षमता अभी भी जरूरी (सभी साइट पर 5G नहीं होगा)

5G के साथ भी ऑफलाइन-फर्स्ट सबसे अच्छा तरीका रहेगा।

निष्कर्ष

भारतीय ठेकेदारों के लिए ऑफलाइन क्षमता "nice-to-have" नहीं है — जरूरी है। अधिकांश साइट पर खराब कनेक्टिविटी हकीकत है।

मुख्य बातें:

  1. सिर्फ ऑफलाइन-फर्स्ट ऐप चुनें
  2. खरीदने से पहले ऑफलाइन मोड अच्छी तरह टेस्ट करें
  3. दिन में कम से कम एक बार सिंक करें
  4. कॉन्फ्लिक्ट से बचने के लिए साफ जिम्मेदारी दें
  5. फोन बैटरी और स्टोरेज मैनेज करें
  6. इस फीचर पर समझौता न करें

सही ऑफलाइन ऐप आपको बिना इंटरनेट के भी ऐसे काम करने देता है जैसे पूरा इंटरनेट है।

अभी करें

  1. चेक करें आपका करंट ऐप सच में ऑफलाइन काम करता है या नहीं
  2. नहीं तो ऑफलाइन-फर्स्ट विकल्प मूल्यांकन करें
  3. अपनी साइट पर एक हफ्ते ऑफलाइन मोड टेस्ट करें
  4. टीम को रोजाना सिंक रूटीन पर ट्रेन करें
  5. "केवल ऑनलाइन" को कभी काफी न समझें

और जानें

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समीक्षा की तारीख 16 जनवरी 2025

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10+ वर्षों के अनुभव वाले निर्माण प्रबंधन विशेषज्ञ, भारतीय ठेकेदारों को बेहतर व्यवसाय बनाने में मदद करते हैं। निर्माण साइटों के लिए डिजिटल परिवर्तन में विशेषज्ञ।

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